जहाँ आप प्रेम, दया और त्याग की मूरत हैं
तो वहीँ आप दुर्गा-काली और लक्ष्मीबाई भी हैं, अगर ज़रुरत है
हाँ आप हैं घर-आँगन सँभालने वाली महिला
पर आप ही हैं अंतरिक्ष परी कल्पना चावला
नहीं चाहा तो आप रहीं; राजनीति-बिजनेस से दूर
पर चाहा आपने; तो बन गयीं, इंदिरा गाँधी, एकता कपूर